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संक्षिप्त परिचय:-


ॐ शब्द तीन अक्षरों अ, उ और म से मिलकर बना है सरल रूप में इसे(ओ+उ+म) में भी देखा जा सकता है।
ॐ, हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ॐ ईश्वर का मुख्य नाम है, इसलिये सभी मंत्रो की शुरुआत इस पवित्र नाम ॐ से ही मानी गयी है।
कहा जाता है ॐ शब्द इतना प्रभावी है की यह जिस मन्त्र के शुरुआत में आता है , उस मन्त्र की शक्ति को कईं गुणा बढ़ा देता है।
आधुनिक विज्ञान भी ॐ शब्द के उच्चारण और इससे होने वाले प्रभावों व लाभ को मान चुके है।
इसी आधार पर ॐ शब्द के उच्चारण से होने वाली ध्वनि व कम्पन्न से मानव शरीर व बाह्य वातावरण में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन को देखा गया।
ॐ के उच्चारण से उत्पन्न ध्वनि व ऊर्जा ,ब्रह्माण्डीय ध्वनि (universal sound) व ब्रह्माण्डीय ऊर्जा (cosmic energy) से मेल खाती है।
 ईश्वर ने तो सृष्टि की उत्पत्ति भी ओंकारमयी बनाई है ऐसा माना जाता है।







विधि:-


ॐ का उच्चारण करने के लिये सबसे पहले हमें किसी आसन पद्मासन ,सुखासन या सिद्धासन में बैठ जाये और अपने हाथ की तर्जनी उँगली व अँगूठे के सिरे को आपस मे मिला ले ,फिर गहरी श्वास भरे यदि आसन में न बैठ सके तो कुर्सी आदि पर बैठ जाये। किन्तु यहाँ ध्यान देने योग्य यह बात होगी कि हम किसी भी स्थिति में बैठे लेकिन अपनी रीढ़ व गर्दन को सीधा करके बैठना आवश्यक है। जिससे आप अपने फेफड़ो में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन भर सके। अब ॐ के उच्चारण के लिये ओ- शब्द को जितनी भी देर बोल सके उ- को उससे 3 गुणा ज्यादा देर तक बोले  और म को मुँह बन्द करके नाक, कान और मस्तिष्क में गूँजने के साथ म के समानांतर बोलना चाहिये।







लाभ:-

 

  •     प्रतिदिन ॐ का उच्चारण करने से श्वास सम्बन्धी समस्याओ का निवारण होता है।
  •     ॐ के उच्चारण से हम थाइरॉइड से सम्बंधित बीमारियों से निजात पा सकते है 
  •     ॐ के उच्चारण से होने वाले कम्पन्न से हमारी रीढ की हड्डी व पाचन क्रिया सीधी प्रभावित होती है।
  •      अतः रीढ व पाचन सम्बन्धी रोगो में भी लाभप्रद है।
  •     ॐ का उच्चारण नियमित रूप से करने वाले निद्रा आदि समस्याओं से दूर रहते है।
  •     अतः यह निद्रा व तनाव जैसी मानसिक सम्बन्धी समस्याओं को भी दूर करता है।
  •     ॐ के उच्चारण से हमारा मन शान्त होने के साथ ही हम अपने अन्दर सकारात्मक ऊर्जा व स्फूर्ति का अनुभव करते है।


जाने क्या है ॐ का उच्चारण करने की विघि और उसके लाभ ? | MyYogaSutra.in




संक्षिप्त परिचय:-


ॐ शब्द तीन अक्षरों अ, उ और म से मिलकर बना है सरल रूप में इसे(ओ+उ+म) में भी देखा जा सकता है।
ॐ, हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ॐ ईश्वर का मुख्य नाम है, इसलिये सभी मंत्रो की शुरुआत इस पवित्र नाम ॐ से ही मानी गयी है।
कहा जाता है ॐ शब्द इतना प्रभावी है की यह जिस मन्त्र के शुरुआत में आता है , उस मन्त्र की शक्ति को कईं गुणा बढ़ा देता है।
आधुनिक विज्ञान भी ॐ शब्द के उच्चारण और इससे होने वाले प्रभावों व लाभ को मान चुके है।
इसी आधार पर ॐ शब्द के उच्चारण से होने वाली ध्वनि व कम्पन्न से मानव शरीर व बाह्य वातावरण में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन को देखा गया।
ॐ के उच्चारण से उत्पन्न ध्वनि व ऊर्जा ,ब्रह्माण्डीय ध्वनि (universal sound) व ब्रह्माण्डीय ऊर्जा (cosmic energy) से मेल खाती है।
 ईश्वर ने तो सृष्टि की उत्पत्ति भी ओंकारमयी बनाई है ऐसा माना जाता है।







विधि:-


ॐ का उच्चारण करने के लिये सबसे पहले हमें किसी आसन पद्मासन ,सुखासन या सिद्धासन में बैठ जाये और अपने हाथ की तर्जनी उँगली व अँगूठे के सिरे को आपस मे मिला ले ,फिर गहरी श्वास भरे यदि आसन में न बैठ सके तो कुर्सी आदि पर बैठ जाये। किन्तु यहाँ ध्यान देने योग्य यह बात होगी कि हम किसी भी स्थिति में बैठे लेकिन अपनी रीढ़ व गर्दन को सीधा करके बैठना आवश्यक है। जिससे आप अपने फेफड़ो में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन भर सके। अब ॐ के उच्चारण के लिये ओ- शब्द को जितनी भी देर बोल सके उ- को उससे 3 गुणा ज्यादा देर तक बोले  और म को मुँह बन्द करके नाक, कान और मस्तिष्क में गूँजने के साथ म के समानांतर बोलना चाहिये।







लाभ:-

 

  •     प्रतिदिन ॐ का उच्चारण करने से श्वास सम्बन्धी समस्याओ का निवारण होता है।
  •     ॐ के उच्चारण से हम थाइरॉइड से सम्बंधित बीमारियों से निजात पा सकते है 
  •     ॐ के उच्चारण से होने वाले कम्पन्न से हमारी रीढ की हड्डी व पाचन क्रिया सीधी प्रभावित होती है।
  •      अतः रीढ व पाचन सम्बन्धी रोगो में भी लाभप्रद है।
  •     ॐ का उच्चारण नियमित रूप से करने वाले निद्रा आदि समस्याओं से दूर रहते है।
  •     अतः यह निद्रा व तनाव जैसी मानसिक सम्बन्धी समस्याओं को भी दूर करता है।
  •     ॐ के उच्चारण से हमारा मन शान्त होने के साथ ही हम अपने अन्दर सकारात्मक ऊर्जा व स्फूर्ति का अनुभव करते है।


4 comments:

  1. Thank you Vikrant ji for giving such a knowledgeable information about OM and yoga

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  2. Thanx vikrant bhaiya for giving a good information about om

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  3. Bhout अच्छे भाई साहब

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  4. बहुत सुंदर। आनंद हुआ कि आपने यह अंतर्जाल निर्मित कर योग व अध्यात्म का प्रचार प्रारम्भ किया। मेरी हार्दिक शुभकामनायें आपको।
    -आचार्य सावन कुमार उपाध्याय

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